धन प्राप्ति के लिए जलकुम्भी का उपाय

लक्ष्मी जिन तीन चीजों से सबसे अधिक आकर्षित होती हैं वो हैं -  
सफाई, सजावट व रोशनी। 
शास्त्रों में लक्ष्मी को प्रसन्न करने के जितने भी उपाय दिए गए हैं, वह तब ही उपयोगी हैं जब हम सफाई से रहते हों व घर में सफाई रखते हों। सफाई लक्ष्मी प्राप्ति का सबसे आसान व सीधा उपाय है। सजावट का महत्त्व भी तब ही है जब आप सफाई ठीक से रखते हों व घर में मौजूद वस्तुओं का सही तरीके से प्रबंधन करते हों। तीसरी सबसे जरूरी बात जो लक्ष्मी को आकर्षित करती है वो है रोशनी। दूधिया रोशनी से सराबोर घर को लक्ष्मी स्वयं ढूंढ लेती है। जब आप इन तीन बातों का ध्यान रखते हुए लक्ष्मी प्राप्ति करने का कोई भी टोटका करते हैं तो वह जल्द ही सफल होता है।
जलकुंभी का उपाय
घर में बरकत के लिए गुरुवार के दिन थोड़ी सी जलकुंभी लाकर रसोई घर में लटका दें। जलकुंभी को पीले रंग के वस्त्र में बांधकर लटकाएं। जीवन मे महालक्ष्मी की कृपा होती रहे इसके लिए हर गुरुवार को जलकुंभी बदलते रहें। पुरानी जलकुंभी को किसी बावड़ी, तालाब या सुनसान स्थान पर विसर्जित कर दें। यदि किसी कारणवश गुरुवार को जलकुंभी न भी बदल सकें तो उसके बाद आने वाले गुरुवार को बदल दें। जलकुंभी किसी भी तालाब से प्राप्त की जा सकती है।
घर में बरकत के लिए गुरुवार के दिन थोड़ी सी जलकुंभी लाकर रसोई घर में लटका दें। जलकुंभी को पीले रंग के वस्त्र में बांधकर लटकाएं। जीवन मे महालक्ष्मी की कृपा होती रहे इसके लिए हर गुरुवार को जलकुंभी बदलते रहें। पुरानी जलकुंभी को किसी बावड़ी, तालाब या सुनसान स्थान पर विसर्जित कर दें। यदि किसी कारणवश गुरुवार को जलकुंभी न भी बदल सकें तो उसके बाद आने वाले गुरुवार को बदल दें। जलकुंभी किसी भी तालाब से प्राप्त की जा सकती है।
घर में बरकत के लिए गुरुवार के दिन थोड़ी सी जलकुंभी लाकर रसोई घर में लटका दें। जलकुंभी को पीले रंग के वस्त्र में बांधकर लटकाएं। जीवन मे महालक्ष्मी की कृपा होती रहे इसके लिए हर गुरुवार को जलकुंभी बदलते रहें। पुरानी जलकुंभी को किसी बावड़ी, तालाब या सुनसान स्थान पर विसर्जित कर दें। यदि किसी कारणवश गुरुवार को जलकुंभी न भी बदल सकें तो उसके बाद आने वाले गुरुवार को बदल दें। जलकुंभी किसी भी तालाब से प्राप्त की जा सकती है।घर में बरकत के लिए गुरुवार के दिन थोड़ी सी जलकुंभी लाकर रसोई घर में लटका दें। जलकुंभी को पीले रंग के वस्त्र में बांधकर लटकाएं। जीवन मे महालक्ष्मी की कृपा होती रहे इसके लिए हर गुरुवार को जलकुंभी बदलते रहें। पुरानी जलकुंभी को किसी बावड़ी, तालाब या सुनसान स्थान पर विसर्जित कर दें। यदि किसी कारणवश गुरुवार को जलकुंभी न भी बदल सकें तो उसके बाद आने वाले गुरुवार को बदल दें। जलकुंभी किसी भी तालाब से प्राप्त की जा सकती है।

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